➤ चूना पत्थर की खान में अचानक भूस्खलन, तीन मजदूर भारी मलबे के नीचे दबे
➤ ट्रक और एलएनटी मशीन भी मलबे की चपेट में, लगातार गिर रहे मलबे से रेस्क्यू में मुश्किल
➤ प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर मौजूद, प्रदेश में भारी बारिश से कई जगह जनजीवन प्रभावित
सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के बीच मंगलवार को सिरमौर जिले में बड़ा हादसा हो गया। कफोटा उपमंडल के बांगरण धार (बागनाधार) क्षेत्र में चूना पत्थर की खान में अचानक हुए भूस्खलन के कारण तीन मजदूर भारी मलबे में दब गए। हादसे के बाद प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को खनन क्षेत्र में अचानक बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। इसकी चपेट में एक ट्रक और एलएनटी मशीन भी आ गई। मलबे में दबे तीन लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय निवासी और दो प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं।
लगातार गिर रहा मलबा, रेस्क्यू अभियान में मुश्किल
नायब तहसीलदार कमरऊ ओम प्रकाश ठाकुर के अनुसार, घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। हालांकि यह क्षेत्र अभी भी स्लाइडिंग जोन बना हुआ है और लगातार मलबा गिर रहा है। इसके चलते बचाव दलों को काफी सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर डटे हुए हैं। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
बताया गया है कि क्षेत्र में खनन कार्य पर पहले से रोक है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ मजदूर सामान लेने के लिए खान के अंदर गए थे, इसी दौरान अचानक भूस्खलन हो गया।
सिरमौर में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
भूस्खलन की यह घटना ऐसे समय हुई है जब सिरमौर समेत हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
सिरमौर के मातर स्कूल में भी नाले में अचानक उफान आने के कारण 43 बच्चों और 12 अध्यापकों को करीब तीन घंटे तक फंसे रहना पड़ा। हालांकि बाद में उन्हें सुरक्षित निकाला गया।
जिले में बारिश के कारण कई सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। पुराने और कमजोर भवनों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा, चार ट्रेनें रद्द
भारी बारिश का असर कालका-शिमला रेलमार्ग पर भी पड़ा है। रेललाइन पर मलबा आने के कारण चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण प्रशासन को सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखनी पड़ रही है।
लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क प्रभावित
प्रदेश के लाहौल-स्पीति में भी बारिश से हालात बिगड़े हैं। बादल फटने के बाद सड़क बहने से नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और किसानों के वाहन फंस गए। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, भूस्खलन और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल भवनों की सुरक्षा पर भी सवाल
सिरमौर जिले के संगड़ाह क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल लगनू में भी बारिश के दौरान छत का प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई। कक्षा में पढ़ाई कर रही एक बच्ची इसकी चपेट में आ गई और उसके सिर में चोट आई। उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सिर पर 11 टांके लगाए गए।
बरसात के मौसम में जिले के कई पुराने स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर अभिभावक बच्चों की सुरक्षा पर चिंता जता रहे हैं। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और शिक्षा विभाग के सामने ऐसे जर्जर भवनों की सुरक्षा भी चुनौती बनी हुई है।



